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सूरह 3 · आयत 116

Aal-i-Imraan 3:116

آل عمران

إِنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ لَن تُغْنِىَ عَنْهُمْ أَمْوَٰلُهُمْ وَلَآ أَوْلَـٰدُهُم مِّنَ ٱللَّهِ شَيْـًٔا ۖ وَأُو۟لَـٰٓئِكَ أَصْحَـٰبُ ٱلنَّارِ ۚ هُمْ فِيهَا خَـٰلِدُونَ

मतलब

निःसंदेह जिन्होंने कुफ़्र[63] किया, उन्हें अल्लाह (के अज़ाब) से (बचाने में) न उनके धन कुछ काम आएँगे, न उनकी संतान। तथा वही लोग नरकवासी हैं जो उसमें हमेशा रहेंगे।

[63] अर्थात अल्लाह की आयतों (क़ुरआन) को नकार दिया।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

निःसंदेह जिन लोगों ने अल्लाह और उसके रसूल का इनकार किया, उनके धन और उनकी संतान अल्लाह के मुक़ाबले में उनके कुछ भी काम नहीं आएंगे। वे न उनसे उसके अज़ाब को दूर करेंगे और न उनके लिए उसकी दया को लाएंगे। बल्कि उनकी पीड़ा और खेद में वृद्धि कर देंगे। तथा वही लोग नरक वाले हैं जो उसमें हमेशा रहेंगे।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Aal-i-Imraan

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net