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सूरह 2 · आयत 115

Al-Baqara 2:115

البقرة

وَلِلَّهِ ٱلْمَشْرِقُ وَٱلْمَغْرِبُ ۚ فَأَيْنَمَا تُوَلُّوا۟ فَثَمَّ وَجْهُ ٱللَّهِ ۚ إِنَّ ٱللَّهَ وَٰسِعٌ عَلِيمٌ

मतलब

तथा पूर्व और पश्चिम अल्लाह ही के हैं, तो तुम जिस ओर रुख करो,[58] सो वहीं अल्लाह का चेहरा है। निःसंदेह अल्लाह विस्तार वाला, सब कुछ जानने वाला है।

[58] अर्थात अल्लाह के आदेशानुसार तुम जिधर भी रुख करोगे, तुम्हें अल्लाह की प्रसन्नता प्राप्त होगी।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

पूर्व एवं पश्चिम और उनके बीच का राज्य अल्लाह ही का है। अल्लाह अपने बंदों को जो चाहता है, आदेश देता है। अतः तुम जिधर भी मुख करोगे, अल्लाह का सामना करोगे। यदि वह तुम्हें बैतुल-मक़दिस या काबा की ओर मुँह करने का आदेश दे, अथवा तुमसे क़िबला (के निर्धारण) में गलती हो जाए, या उसकी ओर मुख करना तुम्हारे लिए मुश्किल हो; तो तुम्हारे लिए कोई हानि की बात नहीं है; क्योंकि सभी दिशाएँ सर्वशक्तिमान अल्लाह के लिए हैं। बेशक अल्लाह सर्वव्यापी है। वह अपनी दया और सुविधा के साथ अपनी समस्त सृष्टि को व्याप्त है, उनके इरादों एवं कार्यों को जानने वाला है।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Al-Baqara

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net