Al-Baqara 2:114
البقرةوَمَنْ أَظْلَمُ مِمَّن مَّنَعَ مَسَـٰجِدَ ٱللَّهِ أَن يُذْكَرَ فِيهَا ٱسْمُهُۥ وَسَعَىٰ فِى خَرَابِهَآ ۚ أُو۟لَـٰٓئِكَ مَا كَانَ لَهُمْ أَن يَدْخُلُوهَآ إِلَّا خَآئِفِينَ ۚ لَهُمْ فِى ٱلدُّنْيَا خِزْىٌ وَلَهُمْ فِى ٱلْـَٔاخِرَةِ عَذَابٌ عَظِيمٌ
और उससे बड़ा अत्याचारी कौन है, जो अल्लाह की मस्जिदों में उसके नाम का स्मरण करने से रोके और उन्हें उजाड़ने का प्रयास करे?[57] ऐसे लोगों का हक़ नहीं कि उनमें प्रवेश करते परंतु डरते हुए। उनके लिए संसार ही में अपमान है और उनके लिए आख़िरत में बड़ी यातना है।
[57] जैसे मक्का वासियों ने आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम और आपके साथियों को सन् 6 हिजरी में काबा में आने से रोक दिया। या ईसाइयों ने बैतुल मुक़द्दस को ढाने में बुख़्त नस्सर (राजा) की सहायता की।
मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com
उस व्यक्ति से बड़ा अत्याचारी कोई नहीं है, जो अल्लाह की मस्जिदों में उसका नाम लेने से रोके। चुनाँचे उनमें नमाज़, ज़िक्र और क़ुरआन की तिलावत से मना कर दे, तथा उन्हें गिराकर अथवा उनमें इबादत करने से रोककर, उन्हें बर्बाद और भ्रष्ट करने का भरपूर प्रयास करे। जो लोग मस्जिदों को नष्ट करने में प्रयासरत हैं, उन्हें उनमें प्रवेश नहीं करना चाहिए परंतु इस स्थिति में कि वे डरे सहमे हों, उनके दिल काँप रहे हों; उनके कुफ़्र तथा अल्लाह की मस्जिदों से रोकने के कारण। ऐसे लोगों के लिए सांसारिक जीवन में ईमान वालों के हाथों अपमान एवं रुसवाई है तथा उनके लिए आख़िरत में अल्लाह की मस्जिदों से लोगों को रोकने के कारण एक बड़ी यातना होगी।
यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com
अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net