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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 919

नंबर 919किताब 9, नंबर 112
حَدَّثَنَا هَنَّادٌ، حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ، عَنِ ابْنِ أَبِي لَيْلَى، عَنْ عَطَاءٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، يَرْفَعُ الْحَدِيثَ أَنَّهُ كَانَ يُمْسِكُ عَنِ التَّلْبِيَةِ، فِي الْعُمْرَةِ إِذَا اسْتَلَمَ الْحَجَرَ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ ابْنِ عَبَّاسٍ حَدِيثٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَالْعَمَلُ عَلَيْهِ عِنْدَ أَكْثَرِ أَهْلِ الْعِلْمِ قَالُوا لاَ يَقْطَعُ الْمُعْتَمِرُ التَّلْبِيَةَ حَتَّى يَسْتَلِمَ الْحَجَرَ ‏.‏ وَقَالَ بَعْضُهُمْ إِذَا انْتَهَى إِلَى بُيُوتِ مَكَّةَ قَطَعَ التَّلْبِيَةَ ‏.‏ وَالْعَمَلُ عَلَى حَدِيثِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم وَبِهِ يَقُولُ سُفْيَانُ وَالشَّافِعِيُّ وَأَحْمَدُ وَإِسْحَاقُ ‏.‏
Ibn Abbas narrated:(that the Prophet): "Would stop saying the Talbiyah during "Umrah when he touched the (Black) Stone
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih MuqufAhmad Muhammad Shakir
  • Sahih MuqufAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Book on Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।