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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 908

नंबर 908किताब 9, नंबर 101
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، حَدَّثَنَا اللَّيْثُ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الْقَاسِمِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّهَا قَالَتْ فَتَلْتُ قَلاَئِدَ هَدْىِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ثُمَّ لَمْ يُحْرِمْ وَلَمْ يَتْرُكْ شَيْئًا مِنَ الثِّيَابِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا عِنْدَ بَعْضِ أَهْلِ الْعِلْمِ قَالُوا إِذَا قَلَّدَ الرَّجُلُ الْهَدْىَ وَهُوَ يُرِيدُ الْحَجَّ لَمْ يَحْرُمْ عَلَيْهِ شَيْءٌ مِنَ الثِّيَابِ وَالطِّيبِ حَتَّى يُحْرِمَ ‏.‏ وَقَالَ بَعْضُ أَهْلِ الْعِلْمِ إِذَا قَلَّدَ الرَّجُلُ هَدْيَهُ فَقَدْ وَجَبَ عَلَيْهِ مَا وَجَبَ عَلَى الْمُحْرِمِ ‏.‏
Aishah narrated:"I twisted the garlands for the Hadi of the Prophet, then he did not assume Ihram, nor did he avoid any clothing
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Book on Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।