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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 907

नंबर 907किताब 9, नंबर 100
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، وَأَبُو سَعِيدٍ الأَشَجُّ قَالاَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ الْيَمَانِ، عَنْ سُفْيَانَ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم اشْتَرَى هَدْيَهُ مِنْ قُدَيْدٍ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ لاَ نَعْرِفُهُ مِنْ حَدِيثِ الثَّوْرِيِّ إِلاَّ مِنْ حَدِيثِ يَحْيَى بْنِ الْيَمَانِ ‏.‏ وَرُوِيَ عَنْ نَافِعٍ أَنَّ ابْنَ عُمَرَ اشْتَرَى هَدْيَهُ مِنْ قُدَيْدٍ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى وَهَذَا أَصَحُّ ‏.‏
Ibn Umar narrated:"The Prophet purchased his Hadi in Qudaid
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Daif IsnaadAhmad Muhammad Shakir
  • Daif IsnaadAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Book on Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।