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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 872

नंबर 872किताब 9, नंबर 65
حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ، وَنَصْرُ بْنُ عَلِيٍّ، قَالاَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، نَحْوَهُ وَقَالاَ زَيْدُ بْنُ يُثَيْعٍ ‏.‏ وَهَذَا أَصَحُّ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى وَشُعْبَةُ وَهِمَ فِيهِ فَقَالَ زَيْدُ بْنُ أُثَيْلٍ ‏.‏
Zaid bin Uthai said:(Another chain) and they said: "Zaid bin Yuthai" and this is more correct
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Book on Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।