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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 852

नंबर 852किताब 9, नंबर 45
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ مُوسَى، حَدَّثَنَا هَارُونُ بْنُ صَالِحٍ الطَّلْحِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ اغْتَسَلَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم لِدُخُولِهِ مَكَّةَ بِفَخٍّ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ غَيْرُ مَحْفُوظٍ ‏.‏ وَالصَّحِيحُ مَا رَوَى نَافِعٌ عَنِ ابْنِ عُمَرَ أَنَّهُ كَانَ يَغْتَسِلُ لِدُخُولِ مَكَّةَ ‏.‏ وَبِهِ يَقُولُ الشَّافِعِيُّ يُسْتَحَبُّ الاِغْتِسَالُ لِدُخُولِ مَكَّةَ ‏.‏ وَعَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَ ضَعِيفٌ فِي الْحَدِيثِ ضَعَّفَهُ أَحْمَدُ بْنُ حَنْبَلٍ وَعَلِيُّ بْنُ الْمَدِينِيِّ وَغَيْرُهُمَا وَلاَ نَعْرِفُ هَذَا الْحَدِيثَ مَرْفُوعًا إِلاَّ مِنْ حَدِيثِهِ ‏.‏
Ibn Umar narrated:"The Prophet performed Ghusl for entered Makkah at Fakhkh
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Very Daif IsnaadAhmad Muhammad Shakir
  • Very Daif IsnaadAl-Albani
  • DaifBashar Awad Maarouf
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Book on Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।