सीधे कंटेंट पर जाएँ
जामे तिर्मिज़ी

नंबर 838

नंबर 838किताब 9, नंबर 31
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مَنِيعٍ، حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ، أَخْبَرَنَا يَزِيدُ بْنُ أَبِي زِيَادٍ، عَنِ ابْنِ أَبِي نُعْمٍ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ يَقْتُلُ الْمُحْرِمُ السَّبُعَ الْعَادِيَ وَالْكَلْبَ الْعَقُورَ وَالْفَأْرَةَ وَالْعَقْرَبَ وَالْحِدَأَةَ وَالْغُرَابَ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ ‏.‏ وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا عِنْدَ أَهْلِ الْعِلْمِ ‏.‏ قَالُوا الْمُحْرِمُ يَقْتُلُ السَّبُعَ الْعَادِيَ ‏.‏ وَهُوَ قَوْلُ سُفْيَانَ الثَّوْرِيِّ وَالشَّافِعِيِّ ‏.‏ وَقَالَ الشَّافِعِيُّ كُلُّ سَبُعٍ عَدَا عَلَى النَّاسِ أَوْ عَلَى دَوَابِّهِمْ فَلِلْمُحْرِمِ قَتْلُهُ ‏.‏
Abu Sa'eed narrated that:The Prophet said: "The Muhrim may kill the wild beast of prey, the rabid dog, the mouse, the scorpion, the kite, and the crow
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Book on Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।