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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 783

नंबर 783किताब 8, नंबर 102
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ، عَنْ إِسْمَاعِيلَ السُّدِّيِّ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ الْبَهِيِّ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ مَا كُنْتُ أَقْضِي مَا يَكُونُ عَلَىَّ مِنْ رَمَضَانَ إِلاَّ فِي شَعْبَانَ حَتَّى تُوُفِّيَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ قَالَ وَقَدْ رَوَى يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ الأَنْصَارِيُّ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ عَنْ عَائِشَةَ نَحْوَ هَذَا ‏.‏
Aishah narrated:"I would not make up what was due upon me from Ramadan except in Sha'ban, until the Messenger of Allah died
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · The Book on Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।