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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 782

नंबर 782किताब 8, नंबर 101
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، وَنَصْرُ بْنُ عَلِيٍّ، قَالاَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ أَبِي الزِّنَادِ، عَنِ الأَعْرَجِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ تَصُومُ الْمَرْأَةُ وَزَوْجُهَا شَاهِدٌ يَوْمًا مِنْ غَيْرِ شَهْرِ رَمَضَانَ إِلاَّ بِإِذْنِهِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ وَأَبِي سَعِيدٍ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ أَبِي هُرَيْرَةَ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَقَدْ رُوِيَ هَذَا الْحَدِيثُ عَنْ أَبِي الزِّنَادِ عَنْ مُوسَى بْنِ أَبِي عُثْمَانَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
Abu Hurairah narrated that:The Prophet said: "A woman may not fast a day - other than in the month of Ramadan - while her husband is present, except with his permission
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Bukhari And MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · The Book on Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।