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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 677

नंबर 677किताब 7, नंबर 61
حَدَّثَنَا مُسْلِمُ بْنُ عَمْرِو بْنِ مُسْلِمٍ أَبُو عَمْرٍو الْحَذَّاءُ الْمَدَنِيُّ، حَدَّثَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ نَافِعٍ الصَّائِغُ، عَنِ ابْنِ أَبِي الزِّنَادِ، عَنْ مُوسَى بْنِ عُقْبَةَ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَانَ يَأْمُرُ بِإِخْرَاجِ الزَّكَاةِ قَبْلَ الْغُدُوِّ لِلصَّلاَةِ يَوْمَ الْفِطْرِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ غَرِيبٌ ‏.‏ وَهُوَ الَّذِي يَسْتَحِبُّهُ أَهْلُ الْعِلْمِ أَنْ يُخْرِجَ الرَّجُلُ صَدَقَةَ الْفِطْرِ قَبْلَ الْغُدُوِّ إِلَى الصَّلاَةِ ‏.‏
Ibn Umar narrated that :the Messenger of Allah would order paying the Zakat before going to the Salat on the day of Fitr
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAhmad Muhammad Shakir
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · The Book on Zakat

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।