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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 574

नंबर 574किताब 6, नंबर 31
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ أَبِي بَكْرِ بْنِ مُحَمَّدٍ، هُوَ ابْنُ عَمْرِو بْنِ حَزْمٍ عَنْ عُمَرَ بْنِ عَبْدِ الْعَزِيزِ، عَنْ أَبِي بَكْرِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الْحَارِثِ بْنِ هِشَامٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم مِثْلَهُ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ أَبِي هُرَيْرَةَ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا عِنْدَ أَكْثَرِ أَهْلِ الْعِلْمِ يَرَوْنَ السُّجُودَ فِي‏(‏إِذََا السَّمَاءُ انْشَقَّتْ ‏)‏ وَ ‏(‏اقْرَأْ بِاسْمِ رَبِّكَ ‏)‏ ‏.‏ وَفِي هَذَا الْحَدِيثِ أَرْبَعَةٌ مِنَ التَّابِعِينَ بَعْضُهُمْ عَنْ بَعْضٍ ‏.‏
(Another chain in which) Abu Hurairah narrated :from the Prophet similarly
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book on Traveling

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।