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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 563

नंबर 563किताब 6, नंबर 20
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ، مُحَمَّدُ بْنُ أَبَانَ حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ صَدَقَةَ، عَنْ سُفْيَانَ بْنِ حُسَيْنٍ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ عُرْوَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم صَلَّى صَلاَةَ الْكُسُوفِ وَجَهَرَ بِالْقِرَاءَةِ فِيهَا ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَرَوَاهُ أَبُو إِسْحَاقَ الْفَزَارِيُّ عَنْ سُفْيَانَ بْنِ حُسَيْنٍ نَحْوَهُ ‏.‏ وَبِهَذَا الْحَدِيثِ يَقُولُ مَالِكُ بْنُ أَنَسٍ وَأَحْمَدُ وَإِسْحَاقُ ‏.‏
Aishah narrated:"The Prophet prayed the eclipse payer, and he recited aloud in it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book on Traveling

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।