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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 562

नंबर 562किताब 6, नंबर 19
حَدَّثَنَا مَحْمُودُ بْنُ غَيْلاَنَ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنِ الأَسْوَدِ بْنِ قَيْسٍ، عَنْ ثَعْلَبَةَ بْنِ عِبَادٍ، عَنْ سَمُرَةَ بْنِ جُنْدَبٍ، قَالَ صَلَّى بِنَا النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم فِي كُسُوفٍ لاَ نَسْمَعُ لَهُ صَوْتًا ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ عَائِشَةَ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ سَمُرَةَ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَقَدْ ذَهَبَ بَعْضُ أَهْلِ الْعِلْمِ إِلَى هَذَا وَهُوَ قَوْلُ الشَّافِعِيِّ ‏.‏
Samurah bin Jundah narrated:"The Prophet led us in prayer during an eclipse; we did not hear his voice
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book on Traveling

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।