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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 530

नंबर 530किताब 5, नंबर 1
حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ مُوسَى الْفَزَارِيُّ، حَدَّثَنَا شَرِيكٌ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، عَنِ الْحَارِثِ، عَنْ عَلِيِّ بْنِ أَبِي طَالِبٍ، قَالَ مِنَ السُّنَّةِ أَنْ تَخْرُجَ، إِلَى الْعِيدِ مَاشِيًا وَأَنْ تَأْكُلَ شَيْئًا قَبْلَ أَنْ تَخْرُجَ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ ‏.‏ وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا الْحَدِيثِ عِنْدَ أَكْثَرِ أَهْلِ الْعِلْمِ يَسْتَحِبُّونَ أَنْ يَخْرُجَ الرَّجُلُ إِلَى الْعِيدِ مَاشِيًا وَأَنْ يَأْكُلَ شَيْئًا قَبْلَ أَنْ يَخْرُجَ لِصَلاَةِ الْفِطْرِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى وَيُسْتَحَبُّ أَنْ لاَ يَرْكَبَ إِلاَّ مِنْ عُذْرٍ ‏.‏
Ali bin Abi Talib narrated:"It is from the SUnnah to leave for the Eid walking, and to eat something before leaving
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAhmad Muhammad Shakir
  • HasanAl-Albani
  • HasanBashar Awad Maarouf
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · The Book on the Two Eids

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।