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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 529

नंबर 529किताब 4, नंबर 42
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مَنِيعٍ، حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ أَبِي زِيَادٍ، بِهَذَا الإِسْنَادِ نَحْوَهُ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ الْبَرَاءِ حَدِيثٌ حَسَنٌ ‏.‏ وَرِوَايَةُ هُشَيْمٍ أَحْسَنُ مِنْ رِوَايَةِ إِسْمَاعِيلَ بْنِ إِبْرَاهِيمَ التَّيْمِيِّ ‏.‏ وَإِسْمَاعِيلُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ التَّيْمِيُّ يُضَعَّفُ فِي الْحَدِيثِ ‏.‏ أَبْوَابُ الْعِيدَيْنِ عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
Al-Bara bin Azib narrated:(Another route for the same chain) similar in meaning
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifBashar Awad Maarouf
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 4 · The Book on the Day of Friday

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।