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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3923

नंबर 3923किताब 49, नंबर 323
حَدَّثَنَا الْحُسَيْنُ بْنُ حُرَيْثٍ، قَالَ حَدَّثَنَا الْفَضْلُ بْنُ مُوسَى، عَنْ عِيسَى بْنِ عُبَيْدٍ، عَنْ غَيْلاَنَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ الْعَامِرِيِّ، عَنْ أَبِي زُرَعَةَ بْنِ عَمْرِو بْنِ جَرِيرٍ، عَنْ جَرِيرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِنَّ اللَّهَ أَوْحَى إِلَىَّ أَىَّ هَؤُلاَءِ الثَّلاَثَةِ نَزَلْتَ فَهِيَ دَارُ هِجْرَتِكَ الْمَدِينَةَ أَوِ الْبَحْرَيْنِ أَوْ قِنَّسْرِينَ ‏"‏ ‏. هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ لاَ نَعْرِفُهُ إِلاَّ مِنْ حَدِيثِ الْفَضْلِ بْنِ مُوسَى تَفَرَّدَ بِهِ أَبُو عَامِرٍ ‏.‏
Narrated Jarir bin 'Abdullah:that the Prophet (ﷺ) said: "Indeed Allah has revealed to me that: Whichever of these three places you go to will be the place of your emigration: Al-Madinah, Bahrain, or Qinnasrin
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • MawduAhmad Muhammad Shakir
  • MawduAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।