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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3908

नंबर 3908किताब 49, नंबर 308
حَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو يَحْيَى الْحِمَّانِيُّ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ طَارِقِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ اللَّهُمَّ أَذَقْتَ أَوَّلَ قُرَيْشٍ نَكَالاً فَأَذِقْ آخِرَهُمْ نَوَالاً ‏"‏ ‏.‏ هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ غَرِيبٌ ‏.‏ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ الْوَرَّاقُ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ الأُمَوِيُّ، عَنِ الأَعْمَشِ، نَحْوَهُ ‏.‏
Narrated Ibn 'Abbas:that the Messenger of Allah (ﷺ) said: "O Allah! You made the first of the Quraish taste punishment, so let the last of them taste blessings
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAhmad Muhammad Shakir
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।