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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3883

नंबर 3883किताब 49, नंबर 283
حَدَّثَنَا حُمَيْدُ بْنُ مَسْعَدَةَ، قَالَ حَدَّثَنَا زِيَادُ بْنُ الرَّبِيعِ، قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدُ بْنُ سَلَمَةَ الْمَخْزُومِيُّ، عَنِ ابْنِ أَبِي بُرْدَةَ، عَنْ أَبِي مُوسَى، قَالَ مَا أَشْكَلَ عَلَيْنَا أَصْحَابَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم حَدِيثٌ قَطُّ فَسَأَلْنَا عَائِشَةَ إِلاَّ وَجَدْنَا عِنْدَهَا مِنْهُ عِلْمًا ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ غَرِيبٌ ‏.‏
Narrated Abu Musa:"Never was a Hadith unclear to us - the Companions of the Messenger of Allah - and we asked 'Aishah, except that we found some knowledge concerning it with her
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।