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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3882

नंबर 3882किताब 49, नंबर 282
حَدَّثَنَا سُوَيْدٌ، قَالَ أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْمُبَارَكِ، قَالَ أَخْبَرَنَا زَكَرِيَّا، عَنِ الشَّعْبِيِّ، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ قَالَ لِي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِنَّ جِبْرِيلَ يَقْرَأُ عَلَيْكِ السَّلاَمَ ‏"‏ ‏.‏ فَقُلْتُ وَعَلَيْهِ السَّلاَمُ وَرَحْمَةُ اللَّهِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ ‏.‏
Narrated 'Aishah:"The Messenger of Allah (ﷺ) said to me: 'Indeed Jibril gives his Salam to you.' So I said: 'And upon him be peace and Allah's Mercy [and His blessings]
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • SahihBashar Awad Maarouf
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।