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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3845

नंबर 3845किताब 49, नंबर 245
حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ مَنْصُورٍ، قَالَ أَخْبَرَنَا أَبُو أُسَامَةَ، عَنْ نَافِعِ بْنِ عُمَرَ الْجُمَحِيِّ، عَنِ ابْنِ أَبِي مُلَيْكَةَ، قَالَ قَالَ طَلْحَةُ بْنُ عُبَيْدِ اللَّهِ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ إِنَّ عَمْرَو بْنَ الْعَاصِي مِنْ صَالِحِي قُرَيْشٍ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ إِنَّمَا نَعْرِفُهُ مِنْ حَدِيثِ نَافِعِ بْنِ عُمَرَ الْجُمَحِيِّ ‏.‏ وَنَافِعٌ ثِقَةٌ وَلَيْسَ إِسْنَادُهُ بِمُتَّصِلٍ وَابْنُ أَبِي مُلَيْكَةَ لَمْ يُدْرِكْ طَلْحَةَ ‏.‏
Narrated Talhah bin 'Ubaidullah:"I heard the Messenger of Allah (ﷺ) saying: 'Indeed, 'Amr bin Al-'As is from among the righteous of the Quraish
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Daif IsnaadAhmad Muhammad Shakir
  • Daif IsnaadAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।