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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3823

नंबर 3823किताब 49, नंबर 223
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ حَاتِمٍ الْمُكْتِبُ الْمُؤَدِّبُ، قَال حَدَّثَنَا الْقَاسِمُ بْنُ مَالِكٍ الْمُزَنِيُّ، عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ أَبِي سُلَيْمَانَ، عَنْ عَطَاءٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ دَعَا لِي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَنْ يُؤْتِيَنِي اللَّهُ الْحِكْمَةَ مَرَّتَيْنِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ مِنْ حَدِيثِ عَطَاءٍ ‏.‏ وَقَدْ رَوَاهُ عِكْرِمَةُ عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ ‏.‏
Narrated Ibn 'Abbas:"The Messenger of Allah (ﷺ) supplicated for me that Allah should give me Al-Hukm (knowledge, understanding, judging justly, or understanding of the Qur'an) two times
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • HasanBashar Awad Maarouf
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।