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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3822

नंबर 3822किताब 49, नंबर 222
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، وَمَحْمُودُ بْنُ غَيْلاَنَ، قَالاَ حَدَّثَنَا أَبُو أَحْمَدَ، عَنْ سُفْيَانَ، عَنْ لَيْثٍ، عَنْ أَبِي جَهْضَمٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّهُ رَأَى جِبْرِيلَ عَلَيْهِ السَّلاَمُ مَرَّتَيْنِ وَدَعَا لَهُ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم مَرَّتَيْنِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ مُرْسَلٌ ‏.‏ وَلاَ نَعْرِفُ لأَبِي جَهْضَمٍ سَمَاعًا مِنَ ابْنِ عَبَّاسٍ ‏.‏ وَقَدْ رُوِيَ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ ابْنِ عَبَّاسٍ عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ ‏.‏ وَأَبُو جَهْضَمٍ اسْمُهُ مُوسَى بْنُ سَالِمٍ ‏.‏
Narrated Abu Jahdam:from Ibn 'Abbas that he saw Jibra'il (AS), two times and the Prophet (ﷺ) supplicated for him two times
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Daif IsnaadAhmad Muhammad Shakir
  • Daif IsnaadAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।