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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3764

नंबर 3764किताब 49, नंबर 163
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ الثَّقَفِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ الْحَذَّاءُ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ مَا احْتَذَى النِّعَالَ وَلاَ انْتَعَلَ وَلاَ رَكِبَ الْمَطَايَا وَلاَ رَكِبَ الْكُورَ بَعْدَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَفْضَلُ مِنْ جَعْفَرِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ غَرِيبٌ ‏‏ وَالْكُورُ الرَّحْلُ
Narrated Abu Hurairah:"None has put on sandals - nor worn them, nor ridden a mount, nor a Kur, after the Messenger of Allah (ﷺ) - better than Ja'far [bin Abi Talib]
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih Isnaad MauqufAhmad Muhammad Shakir
  • Sahih Isnaad MauqufAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।