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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3763

नंबर 3763किताब 49, नंबर 162
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ، قَالَ أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ جَعْفَرٍ، عَنِ الْعَلاَءِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ رَأَيْتُ جَعْفَرًا يَطِيرُ فِي الْجَنَّةِ مَعَ الْمَلاَئِكَةِ ‏"‏ ‏.‏ هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ مِنْ حَدِيثِ أَبِي هُرَيْرَةَ لاَ نَعْرِفُهُ إِلاَّ مِنْ حَدِيثِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ جَعْفَرٍ ‏.‏ وَقَدْ ضَعَّفَهُ يَحْيَى بْنُ مَعِينٍ وَغَيْرُهُ وَعَبْدُ اللَّهِ بْنُ جَعْفَرٍ هُوَ وَالِدُ عَلِيِّ بْنِ الْمَدِينِيِّ ‏.‏ وَفِي الْبَابِ عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ ‏.‏
Narrated Abu Hurairah:that the Messenger of Allah (ﷺ) said: "I saw Ja'far flying in Paradise with the angels
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।