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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3761

नंबर 3761किताब 49, नंबर 160
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ الدَّوْرَقِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا شَبَابَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا وَرْقَاءُ، عَنْ أَبِي الزِّنَادِ، عَنِ الأَعْرَجِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ الْعَبَّاسُ عَمُّ رَسُولِ اللَّهِ وَإِنَّ عَمَّ الرَّجُلِ صِنْوُ أَبِيهِ أَوْ مِنْ صِنْوِ أَبِيهِ ‏"‏ ‏.‏ هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ لاَ نَعْرِفُهُ مِنْ حَدِيثِ أَبِي الزِّنَادِ إِلاَّ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ ‏.‏
Narrated Abu Hurairah:that the Prophet (ﷺ) said: "Al-'Abbas is the uncle of the Messenger of Allah (ﷺ), and indeed, the uncle of a man is the Sinw of his father or from the Sinw of his father
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।