सीधे कंटेंट पर जाएँ
जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3760

नंबर 3760किताब 49, नंबर 159
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ الدَّوْرَقِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا وَهْبُ بْنُ جَرِيرٍ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبِي قَالَ، سَمِعْتُ الأَعْمَشَ، يُحَدِّثُ عَنْ عَمْرِو بْنِ مُرَّةَ، عَنْ أَبِي الْبَخْتَرِيِّ، عَنْ عَلِيٍّ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ لِعُمَرَ فِي الْعَبَّاسِ ‏ "‏ إِنَّ عَمَّ الرَّجُلِ صِنْوُ أَبِيهِ ‏"‏ ‏.‏ وَكَانَ عُمَرُ كَلَّمَهُ فِي صَدَقَتِهِ ‏.‏ هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Narrated 'Ali:that concerning Al-'Abbas, the Prophet (ﷺ) said to 'Umar: "Indeed, the uncle of a man is the Sinw of his father." And 'Umar had spoken to him concerning his charity
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih LighairihiAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।