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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3708

नंबर 3708किताब 49, नंबर 104
حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ سَعِيدٍ الْجَوْهَرِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا شَاذَانُ الأَسْوَدُ بْنُ عَامِرٍ، عَنْ سِنَانِ بْنِ هَارُونَ الْبُرْجُمِيِّ، عَنْ كُلَيْبِ بْنِ وَائِلٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ ذَكَرَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِتْنَةً فَقَالَ ‏ "‏ يُقْتَلُ فِيهَا هَذَا مَظْلُومًا ‏"‏ ‏.‏ لِعُثْمَانَ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ مِنْ حَدِيثِ ابْنِ عُمَرَ ‏.‏
Narrated Ibn 'Umar:that the Messenger of Allah (ﷺ) mentioned the Fitnah and said: "This one will be wrongfully killed during it," about 'Uthman bin 'Affan [may Allah be pleased with him]
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan IsnaadAhmad Muhammad Shakir
  • Hasan IsnaadAl-Albani
  • HasanBashar Awad Maarouf
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।