सीधे कंटेंट पर जाएँ
जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3685

नंबर 3685किताब 49, नंबर 81
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ دَاوُدَ، عَنْ حَمَّادِ بْنِ زَيْدٍ، عَنْ أَيُّوبَ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سِيرِينَ، قَالَ مَا أَظُنُّ رَجُلاً يَنْتَقِصُ أَبَا بَكْرٍ وَعُمَرَ يُحِبُّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم ‏.‏ قَالَ هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ ‏.‏
Narrated Muhammad bin Sirin:"I don't think that a man who degrades Abu Bakr and 'Umar loves the Prophet (ﷺ)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih Isnaad MaqtuAhmad Muhammad Shakir
  • Sahih Isnaad MaqtuAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।