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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3679

नंबर 3679किताब 49, नंबर 75
حَدَّثَنَا الأَنْصَارِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا مَعْنٌ، قَالَ حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ يَحْيَى بْنِ طَلْحَةَ، عَنْ عَمِّهِ إِسْحَاقَ بْنِ طَلْحَةَ عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّ أَبَا بَكْرٍ، دَخَلَ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ ‏ "‏ أَنْتَ عَتِيقُ اللَّهِ مِنَ النَّارِ ‏"‏ ‏.‏ فَيَوْمَئِذٍ سُمِّيَ عَتِيقًا ‏.‏ هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ ‏.‏ وَرَوَى بَعْضُهُمْ هَذَا الْحَدِيثَ عَنْ مَعْنٍ وَقَالَ عَنْ مُوسَى بْنِ طَلْحَةَ عَنْ عَائِشَةَ ‏.‏
Narrated 'Aishah:that Abu Bakr entered upon the Messenger of Allah (ﷺ), so he said: "You are Allah's 'Atiq from the Fire." From that day on he was called 'Atiq
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।