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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3678

नंबर 3678किताब 49, नंबर 74
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ حُمَيْدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ الْمُخْتَارِ، عَنْ إِسْحَاقَ بْنِ رَاشِدٍ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ عُرْوَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم أَمَرَ بِسَدِّ الأَبْوَابِ إِلاَّ بَابَ أَبِي بَكْرٍ ‏.‏ هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ ‏.‏ وَفِي الْبَابِ عَنْ أَبِي سَعِيدٍ ‏.‏
Narrated 'Aishah:that the Prophet (ﷺ) ordered the closing of all the gates, except for the gate of Abu Bakr. And there is a narration on this topic from Abu Sa'eed
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।