حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي فُدَيْكٍ، عَنْ عَبْدِ الْعَزِيزِ بْنِ الْمُطَّلِبِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَدِّهِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ حَنْطَبٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم رَأَى أَبَا بَكْرٍ وَعُمَرَ فَقَالَ " هَذَانِ السَّمْعُ وَالْبَصَرُ " .وَفِي الْبَابِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو وَهَذَا حَدِيثٌ مُرْسَلٌ وَعَبْدُ اللَّهِ بْنُ حَنْطَبٍ لَمْ يُدْرِكِ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم .
Narrated 'Abdullah bin Hantab:that the Prophet (ﷺ) saw Abu Bakr and 'Umar and said: "These two are the hearing and the seeing
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAhmad Muhammad Shakir
SahihAl-Albani
DaifZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।