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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3514

नंबर 3514किताब 48, नंबर 145
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مَنِيعٍ، حَدَّثَنَا عَبِيدَةُ بْنُ حُمَيْدٍ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ أَبِي زِيَادٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْحَارِثِ، عَنِ الْعَبَّاسِ بْنِ عَبْدِ الْمُطَّلِبِ، قَالَ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ عَلِّمْنِي شَيْئًا أَسْأَلُهُ اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ ‏.‏ قَالَ ‏"‏ سَلِ اللَّهَ الْعَافِيَةَ ‏"‏ ‏.‏ فَمَكَثْتُ أَيَّامًا ثُمَّ جِئْتُ فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ عَلِّمْنِي شَيْئًا أَسْأَلُهُ اللَّهَ ‏.‏ فَقَالَ لِي ‏"‏ يَا عَبَّاسُ يَا عَمَّ رَسُولِ اللَّهِ سَلِ اللَّهَ الْعَافِيَةَ فِي الدُّنْيَا وَالآخِرَةِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَعَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْحَارِثِ بْنِ نَوْفَلٍ قَدْ سَمِعَ مِنَ الْعَبَّاسِ بْنِ عَبْدِ الْمُطَّلِبِ ‏.‏
अब्बास बिन अब्दुल मुत्तलिब रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, वह कहते हैं : मैंने कहा : ऐ अल्लाह के रसूल, मुझे कोई ऐसी वस्तु सिखाइए, जो मैं सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह से माँगूँ। आपने फ़रमाया : "अल्लाह से आफ़ियत (सलामती) माँगिए।" जब कुछ दिन बीत गए, तो फिर मैं पहुँचा और कहा : ऐ अल्लाह के रसूल, कोई ऐसी वस्तु सिखाइए, जो मैं अल्लाह से माँगूँ। तो फ़रमाया : "ऐ अब्बास, ऐ अल्लाह के रसूल के चचा, अल्लाह से दुनिया एवं आख़िरत में आफ़ियत (सलामती) माँगिए।"

तर्जुमा: HadeethEnc.comइसकी तशरीह

स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • SahihBashar Awad Maarouf
  • DaifZubair Ali Zai

जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।

किताब 48 · Chapters on Supplication

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।