सीधे कंटेंट पर जाएँ
जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3486

नंबर 3486किताब 48, नंबर 117
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى، - بَصْرِيٌّ - حَدَّثَنَا عَثَّامُ بْنُ عَلِيٍّ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ عَطَاءِ بْنِ السَّائِبِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو، قَالَ رَأَيْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَعْقِدُ التَّسْبِيحَ ‏.‏ وَقَالَ هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ مِنْ حَدِيثِ الأَعْمَشِ عَنْ عَطَاءِ بْنِ السَّائِبِ ‏.‏ وَرَوَى شُعْبَةُ وَالثَّوْرِيُّ هَذَا الْحَدِيثَ عَنْ عَطَاءِ بْنِ السَّائِبِ بِطُولِهِ ‏.‏ وَفِي الْبَابِ عَنْ يُسَيْرَةَ بِنْتِ يَاسِرٍ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَتْ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ يَا مَعْشَرَ النِّسَاءِ اعْقِدْنَ بِالأَنَامِلِ فَإِنَّهُنَّ مَسْئُولاَتٌ مُسْتَنْطَقَاتٌ ‏"‏ ‏.‏
Abdullah bin Amr narrated:“I saw the Prophet counting the Tasbih on his hand.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · Chapters on Supplication

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।