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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3385

नंबर 3385किताब 48, नंबर 16
حَدَّثَنَا نَصْرُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْكُوفِيُّ، حَدَّثَنَا أَبُو قَطَنٍ، عَنْ حَمْزَةَ الزَّيَّاتِ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، عَنْ أُبَىِّ بْنِ كَعْبٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَانَ إِذَا ذَكَرَ أَحَدًا فَدَعَا لَهُ بَدَأَ بِنَفْسِهِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ صَحِيحٌ وَأَبُو قَطَنٍ اسْمُهُ عَمْرُو بْنُ الْهَيْثَمِ ‏.‏
Ibn `Abbas narrated from Ubayy bin Ka`b that :whenever the Messenger of Allah (ﷺ) would mention someone and supplicate for him, he would begin with himself (ﷺ)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · Chapters on Supplication

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।