सीधे कंटेंट पर जाएँ
जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3380

नंबर 3380किताब 48, नंबर 11
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ صَالِحٍ، مَوْلَى التَّوْأَمَةِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، رضى الله عنه عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَا جَلَسَ قَوْمٌ مَجْلِسًا لَمْ يَذْكُرُوا اللَّهَ فِيهِ وَلَمْ يُصَلُّوا عَلَى نَبِيِّهِمْ إِلاَّ كَانَ عَلَيْهِمْ تِرَةً فَإِنْ شَاءَ عَذَّبَهُمْ وَإِنْ شَاءَ غَفَرَ لَهُمْ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَقَدْ رُوِيَ مِنْ غَيْرِ وَجْهٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم وَمَعْنَى قَوْلِهِ تِرَةً يَعْنِي حَسْرَةً وَنَدَامَةً ‏.‏ وَقَالَ بَعْضُ أَهْلِ الْمَعْرِفَةِ بِالْعَرَبِيَّةِ: التِّرَةُ هُوَ الثَّأْرُ
अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है कि अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "जो लोग किसी सभा में बैठते हैं और वहाँ अल्लाह को याद नहीं करते तथा अपने नबी पर दरूद नहीं भेजते, तो उनका वह बैठना उनके लिए पछतावे का कारण बनेगा। अब यदि अल्लाह चाहेगा, तो उन्हें यातना देगा और चाहेगा तो माफ़ करेगा।"

तर्जुमा: HadeethEnc.comइसकी तशरीह

स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।

किताब 48 · Chapters on Supplication

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।