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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3244

नंबर 3244किताब 47, नंबर 296
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مَنِيعٍ، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، أَخْبَرَنَا سُلَيْمَانُ التَّيْمِيُّ، عَنْ أَسْلَمَ الْعِجْلِيِّ، عَنْ بِشْرِ بْنِ شَغَافٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو، رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا قَالَ قَالَ أَعْرَابِيٌّ يَا رَسُولَ اللَّهِ مَا الصُّورُ قَالَ ‏ "‏ قَرْنٌ يُنْفَخُ فِيهِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ إِنَّمَا نَعْرِفُهُ مِنْ حَدِيثِ سُلَيْمَانَ التَّيْمِيِّ ‏.‏
Narrated 'Abdullah bin 'Amr [may Allah be pleased with him]:"A Bedouin said: 'O Messenger of Allah! What is As-Sur?' He said: 'A horn which is blown into
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · Chapters on Tafsir

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।