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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3242

नंबर 3242किताब 47, नंबर 294
حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ دَاوُدَ بْنِ أَبِي هِنْدٍ، عَنِ الشَّعْبِيِّ، عَنْ مَسْرُوقٍ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّهَا قَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ ‏:‏ ‏(‏والأَرْضُ جَمِيعًا قَبْضَتُهُ يَوْمَ الْقِيَامَةِ وَالسَّمَوَاتُ مَطْوِيَّاتٌ بِيَمِينِهِ ‏)‏ فَأَيْنَ الْمُؤْمِنُونَ يَوْمَئِذٍ قَالَ ‏"‏ عَلَى الصِّرَاطِ يَا عَائِشَةُ ‏"‏ ‏.‏ هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Narrated Masruq:that 'Aishah said: "O Messenger of Allah! - On the Day of Resurrection the whole earth will be grasped by His Hand and the heavens will be rolled up in His Right Hand (39:67). Where will the believers be?" He said: "Upon the Sirat O 'Aishah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · Chapters on Tafsir

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।