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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3088

नंबर 3088किताब 47, नंबर 140
حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَارِثِ بْنُ عَبْدِ الصَّمَدِ بْنِ عَبْدِ الْوَارِثِ، حَدَّثَنَا أَبِي، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِسْحَاقَ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، عَنِ الْحَارِثِ، عَنْ عَلِيٍّ، قَالَ سَأَلْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنْ يَوْمِ الْحَجِّ الأَكْبَرِ فَقَالَ ‏ "‏ يَوْمُ النَّحْرِ ‏"‏ ‏.‏
Narrated 'Ali:"I asked the Messenger of Allah (ﷺ) about the day of Al-Hajj Al-Akbar, and he said: "The day of An-Nahr
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · Chapters on Tafsir

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।