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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2960

नंबर 2960किताब 47, नंबर 12
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مَنِيعٍ، حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ، أَخْبَرَنَا حُمَيْدٌ الطَّوِيلُ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ قَالَ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قُلْتُ لِرَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم لَوِ اتَّخَذْتَ مِنْ مَقَامِ إِبْرَاهِيمَ مُصَلًّى فَنَزَلَتْ ‏:‏ ‏(‏وَاتَّخِذُوا مِنْ مَقَامِ إِبْرَاهِيمَ مُصَلًّى ‏)‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَفِي الْبَابِ عَنِ ابْنِ عُمَرَ ‏.‏
Narrated Anas:that 'Umar bin Al-Khattab [may Allah be pleased with him] said: "I said: 'O Messenger of Allah (ﷺ)! I wish that you could perform Salat behind the Maqam of Ibrahim.' So the following was revealed: And take you the Maqam of Ibrahim as a place of Salat
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · Chapters on Tafsir

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।