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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2959

नंबर 2959किताब 47, नंबर 11
حَدَّثَنَا عَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ، حَدَّثَنَا الْحَجَّاجُ بْنُ مِنْهَالٍ، حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ، عَنْ حُمَيْدٍ، عَنْ أَنَسٍ، أَنَّ عُمَرَ، قَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ لَوْ صَلَّيْنَا خَلْفَ الْمَقَامِ فَنَزَلَتْ ‏:‏ ‏(‏وَاتَّخِذُوا مِنْ مَقَامِ إِبْرَاهِيمَ مُصَلًّى ‏)‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Narrated Anas:that 'Umar bin Al-Khattab said: "O Messenger of Allah (ﷺ)! I wish that we could perform Salat behind the Maqam: So the following was revealed: And take you the Maqam of Ibrahim as a place of Salat. (2:)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · Chapters on Tafsir

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।