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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2873

नंबर 2873किताब 44, नंबर 16
حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْمَخْزُومِيُّ، قَالَ‏ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، بِهَذَا الإِسْنَادِ نَحْوَهُ وَقَالَ لاَ تَجِدُ فِيهَا رَاحِلَةً أَوْ قَالَ لاَ تَجِدُ فِيهَا إِلاَّ رَاحِلَةً ‏.‏
Narrated (Another route) from Az-Zuhri:with this chain, and it is similar, but he said: "You can find a mount among them." - from Salim, from Ibn 'Umar that the Messenger of Allah (ﷺ) said: "People are but like one hundred camels, you can not find a mount among them - or he said - you can not find but one mount among them
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · Chapters on Parables

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।