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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2853

नंबर 2853किताब 43, नंबर 128
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى الصَّنْعَانِيُّ، حَدَّثَنَا عُمَرُ بْنُ عَلِيٍّ الْمُقَدَّمِيُّ، حَدَّثَنَا نَافِعُ بْنُ عُمَرَ الْجُمَحِيُّ، عَنْ بِشْرِ بْنِ عَاصِمٍ، سَمِعَهُ يُحَدِّثُ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِنَّ اللَّهَ يُبْغِضُ الْبَلِيغَ مِنَ الرِّجَالِ الَّذِي يَتَخَلَّلُ بِلِسَانِهِ كَمَا تَتَخَلَّلُ الْبَقَرَةُ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ ‏.‏ وَفِي الْبَابِ عَنْ سَعْدٍ ‏.‏
Narrated 'Abdullah bin 'Amr:that the Messenger of Allah (ﷺ) said: "Indeed Allah detests the excessive among men, who slaps his tongue around like the cow slaps his tongue
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • HasanBashar Awad Maarouf
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · Chapters on Manners

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।