सीधे कंटेंट पर जाएँ
जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2831

नंबर 2831किताब 43, नंबर 105
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ أَبِي الشَّوَارِبِ، حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ، حَدَّثَنَا أَبُو عُثْمَانَ، شَيْخٌ لَهُ عَنْ أَنَسٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ لَهُ ‏ "‏ يَا بُنَىَّ ‏"‏ ‏.‏ وَفِي الْبَابِ عَنِ الْمُغِيرَةِ وَعُمَرَ بْنِ أَبِي سَلَمَةَ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ غَرِيبٌ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ ‏.‏ وَقَدْ رُوِيَ مِنْ غَيْرِ هَذَا الْوَجْهِ عَنْ أَنَسٍ ‏.‏ وَأَبُو عُثْمَانَ هَذَا شَيْخٌ ثِقَةٌ وَهُوَ الْجَعْدُ بْنُ عُثْمَانَ وَيُقَالُ ابْنُ دِينَارٍ وَهُوَ بَصْرِيٌّ وَقَدْ رَوَى عَنْهُ يُونُسُ بْنُ عُبَيْدٍ وَغَيْرُ وَاحِدٍ مِنَ الأَئِمَّةِ ‏.‏
Narrated Anas:that the Prophet (ﷺ) said to him: "O my little son
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · Chapters on Manners

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।