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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2823

नंबर 2823किताब 43, नंबर 97
حَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ دَاوُدَ بْنِ أَبِي عَبْدِ اللَّهِ، عَنِ ابْنِ جُدْعَانَ، عَنْ جَدَّتِهِ، عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ، قَالَتْ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ الْمُسْتَشَارُ مُؤْتَمَنٌ ‏"‏ ‏.‏ وَفِي الْبَابِ عَنِ ابْنِ مَسْعُودٍ وَأَبِي هُرَيْرَةَ وَابْنِ عُمَرَ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ مِنْ حَدِيثِ أُمِّ سَلَمَةَ ‏.‏
Narrated Umm Salamah:"The Messenger of Allah (ﷺ) said: 'The one whose council is sought is entrusted
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · Chapters on Manners

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।