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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2822

नंबर 2822किताब 43, नंबर 96
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مَنِيعٍ، حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ مُوسَى، حَدَّثَنَا شَيْبَانُ، عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ عُمَيْرٍ، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ الْمُسْتَشَارُ مُؤْتَمَنٌ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ ‏.‏ وَقَدْ رَوَى غَيْرُ وَاحِدٍ عَنْ شَيْبَانَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ النَّحْوِيِّ وَشَيْبَانُ هُوَ صَاحِبُ كِتَابٍ وَهُوَ صَحِيحُ الْحَدِيثِ وَيُكْنَى أَبَا مُعَاوِيَةَ ‏.‏ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْجَبَّارِ بْنُ الْعَلاَءِ الْعَطَّارُ عَنْ سُفْيَانَ بْنِ عُيَيْنَةَ قَالَ قَالَ عَبْدُ الْمَلِكِ بْنُ عُمَيْرٍ إِنِّي لأُحَدِّثُ الْحَدِيثَ فَمَا أَدَعُ مِنْهُ حَرْفًا ‏.‏
Narrated Abu Hurairah:that the Messenger of Allah (ﷺ) said: "The one whose counsel is sought is entrusted
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih LighairihiAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • HasanBashar Awad Maarouf
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · Chapters on Manners

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।