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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2761

नंबर 2761किताब 43, नंबर 31
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مَنِيعٍ، حَدَّثَنَا عَبِيدَةُ بْنُ حُمَيْدٍ، عَنْ يُوسُفَ بْنِ صُهَيْبٍ، عَنْ حَبِيبِ بْنِ يَسَارٍ، عَنْ زَيْدِ بْنِ أَرْقَمَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ لَمْ يَأْخُذْ مِنْ شَارِبِهِ فَلَيْسَ مِنَّا ‏"‏ ‏.‏ وَفِي الْبَابِ عَنِ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، عَنْ يُوسُفَ بْنِ صُهَيْبٍ، بِهَذَا الإِسْنَادِ نَحْوَهُ ‏.‏
Narrated Zaid bin Arqam:that the Messenger of Allah (ﷺ) said: "Whoever does not take from his mustache, then he is not from us
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · Chapters on Manners

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।