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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2753

नंबर 2753किताब 43, नंबर 23
حَدَّثَنَا سُوَيْدٌ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ، أَخْبَرَنَا شُعْبَةُ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَبِي مِجْلَزٍ، أَنَّ رَجُلاً، قَعَدَ وَسْطَ حَلْقَةٍ فَقَالَ حُذَيْفَةُ مَلْعُونٌ عَلَى لِسَانِ مُحَمَّدٍ أَوْ لَعَنَ اللَّهُ عَلَى لِسَانِ مُحَمَّدٍ صلى الله عليه وسلم - مَنْ قَعَدَ وَسْطَ الْحَلْقَةِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَأَبُو مِجْلَزٍ اسْمُهُ لاَحِقُ بْنُ حُمَيْدٍ ‏.‏
Narrated Abu Miljaz:that a man sat in the middle of a circle so Hudhaifah said: "Cursed upon the tongue of Muhammad - or - Cursed, by Allah upon the tongue of Muhammad (ﷺ), is he who sits in the middle of a the circle
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · Chapters on Manners

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।