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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2687

नंबर 2687किताब 41, नंबर 43
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عُمَرَ بْنِ الْوَلِيدِ الْكِنْدِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ نُمَيْرٍ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ بْنِ الْفَضْلِ، عَنْ سَعِيدٍ الْمَقْبُرِيِّ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ الْكَلِمَةُ الْحِكْمَةُ ضَالَّةُ الْمُؤْمِنِ فَحَيْثُ وَجَدَهَا فَهُوَ أَحَقُّ بِهَا ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ لاَ نَعْرِفُهُ إِلاَّ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ ‏.‏ وَإِبْرَاهِيمُ بْنُ الْفَضْلِ الْمَدَنِيُّ الْمَخْزُومِيُّ يُضَعَّفُ فِي الْحَدِيثِ مِنْ قِبَلِ حِفْظِهِ ‏.‏
Narrated Abu Hurairah:that the Messenger of Allah (ﷺ) said: "The wise statement is the lost property of the believer, so wherever he finds it, then he is more worthy of it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Very DaifAhmad Muhammad Shakir
  • Very DaifAl-Albani
  • DaifBashar Awad Maarouf
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 41 · Chapters on Knowledge

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।